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शरीर में सर्वाइकल कैंसर घुसने की निशानी हैं 4 लक्षण, रीढ़ की हड्डी हो सकती है डैमेज, ना करें अनदेखा

शरीर में सर्वाइकल कैंसर घुसने की निशानी हैं 4 लक्षण, रीढ़ की हड्डी हो सकती है डैमेज, ना करें अनदेखा

रीढ़ की हड्डी हो सकती है डैमेज, ना करें अनदेखा

हर तरह का कैंसर खतरनाक है। हर साल हजारों लोगों इस बीमारी के शिकार बनते हैं। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एक बड़ी चिंता बनी है। इसके लक्षणों की जानकारी इसे गंभीर होने से बचा सकती है और वक्त पर इलाज दिलवा सकती है।

पीठ के दर्द को लोग आम मानकर अनदेखा कर देते हैं। यह खराब पोस्चर, भारी वजन उठाने या फिर सुस्त जीवनशैली के कारण हो सकता है। लेकिन अगर पीठ का दर्द लगातार बना हुआ है, तो यह महिलाओं में किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। आजकल जागरुकता की कमी और जांच में देर हो जाने की वजह से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर बढ़ता जा रहा है, जो कभी-कभी पीठ के दर्द के रूप में दिख सकता है।

नई दिल्ली स्थित मणिपाल हॉस्पिटल के गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी की कंसल्टेंट डॉ. दिव्या सेहरा ने बताया कि जब कैंसर आसपास के अंगों, जैसे पेल्विक क्षेत्र में फैल जाता है, या नसों पर दबाव डालता है, तो पीठ के निचले हिस्से में दर्द पैदा होने लगता है। इसे लोग आम मांसपेशियों का खिंचाव समझ लेते हैं। इस वजह से इसके निदान और इलाज में देर हो जाती है और यह बीमारी फैल जाती है।

इन लक्षणों को नजरंदाज न करें

  • आम इलाज के बाद भी कुछ हफ्तों तक लगातार दर्द बना रहे।
  • दर्द के साथ वजाइनल ब्लीडिंग हो रही हो, असामान्य स्राव हो रहा हो, या पेल्विक एरिया में बेचैनी हो।
  • बिना वजह वजन घट रहा हो, थकान बनी रहती हो या पैरों में सूजन हो।
  • दर्द की लहर उठती हो, जो खासकर पीठ के निचले हिस्से या हिप्स में समय के साथ बढ़ जाए।

रीढ़ की हड्डी में कैंसर का फैलना

डॉ. दिव्या के मुताबिक सर्वाइकल कैंसर होने पर सर्विक्स के अंदर बना ट्यूमर अन्य अंगों पर दबाव डालता है। ये पेल्विस से फैलते हुए रीढ़ की हड्डी तक पहुंच जाता है। रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर पहुंचने पर हड्डी में दर्द हो सकता है, दबाव के कारण हड्डी टूट सकती है और रीढ़ की हड्डी के कार्य पर असर पड़ सकता है।

नसों पर दबाव

कैंसर लिम्फ नोड्स में भी फैल सकता है, जिसकी वजह से उनमें कठोरता और सूजन महसूस हो सकती है। सर्वाइकल कैंसर हिप बोन के बीच पेल्विस में स्थित लिम्फ नोड्स तक पहुंच सकता है। जब यह और ज्यादा फैलकर पीठ में स्थित लिम्फ नोड्स तक पहुंचता है, तब नसों पर दबाव उत्पन्न हो सकता है। इसके कारण पीठ में तेज दर्द, सुन्न या फिर पैरों में कमजोरी महसूस हो सकती है।

सूजन के कारण होने वाला दर्द

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के कारण होने वाली सूजन शरीर में दर्द बढ़ा सकती है, जो रीढ़ की हड्डी तक फैल सकता है। सूजन किसी भी ऐसी स्थिति से उबरने की प्रतिक्रिया है जो इम्यून सिस्टम को खतरा पहुंचाती है। इस सूजन से रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है और नसों पर दबाव पड़ता है, जिस वजह से दर्द होता है।

क्या है बचाव

सर्वाइकल कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए जागरुकता और नियमित जांच जरूरी है। सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन तथा समय पर इसकी पहचान के लिए नियमित तौर से पैप स्मियर और एचपीवी टेस्टिंग भी महत्वपूर्ण हैं। अगर यह कैंसर बढ़कर एडवांस्ड चरण में पहुंच जाता है, तो हिस्टेरेक्टोमी, पेल्विक लिम्फाडेनेक्टोमी या वर्टीब्रे में कैंसर फैलने पर स्पाइनल सर्जरी भी करनी पड़ सकती है। इसके अलावा, एडवांस्ड चरण में कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी कारगर इलाज हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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